Women's T20 WC: तेज़ रन चेज़ का था प्लान, लेकिन कहां चूकी टीम इंडिया? हरमनप्रीत ने खुद बताया
महिला टी20 विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में जगह बनाने की भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उम्मीदें मजबूती से बरकरार हैं। ओल्ड ट्रैफर्ड के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए ग्रुप-ए के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 5 विकेट से शिकस्त दे दी। इस शानदार जीत के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के जज्बे और इरादों की सराहना की है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले अगले निर्णायक मैच से पहले टीम की खराब फील्डिंग अब भी प्रबंधन के लिए चिंता का बड़ा सबब बनी हुई है।
शेफाली वर्मा के बल्ले से निकला तूफान, राधा यादव ने झटके तीन विकेट
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 136 रन ही बना सकी। भारत की तरफ से फिरकी गेंदबाज राधा यादव ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। जवाब में 137 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 53 रनों की आतिशी और अर्धशतकीय पारी की बदौलत मैच को 16.5 ओवर में ही 5 विकेट खोकर आसानी से अपने नाम कर लिया।
मैच की समाप्ति के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बताया कि टीम का मुख्य उद्देश्य रन-चेज को जल्द से जल्द खत्म करना था ताकि नेट रन रेट (NRR) को और बेहतर किया जा सके। हालांकि भारत ने 3.1 ओवर पहले ही मैच जीत लिया, लेकिन कप्तान का मानना था कि यदि शीर्ष क्रम थोड़ा और आक्रामक खेल दिखाता तो नेट रन रेट को और अधिक फायदा पहुंच सकता था।
कैच छूटने से नाराज दिखीं कप्तान, कहा- 'गलतियों से सीखनी होगी सीख'
भले ही भारतीय टीम ने मुकाबला अपने नाम कर लिया हो, लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों की सुस्त फील्डिंग से कप्तान हरमनप्रीत कौर बिल्कुल भी संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने कहा कि टीम प्रैक्टिस सेशन में फील्डिंग पर काफी पसीना बहा रही है, इसके बावजूद मैच के दौरान कई बेहद आसान कैच टपकाए गए। इन जीवनदानों का फायदा उठाकर बांग्लादेशी मध्यक्रम एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में कामयाब रहा।
हरमनप्रीत ने कड़े लहजे में कहा, "फील्डिंग एक ऐसा विभाग है जिसमें हमें फौरन और बड़े सुधार करने की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलिया जैसी विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ हम इस तरह के ढीले प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते। हालांकि, जिन खिलाड़ियों से मैदान पर कैच छूटे हैं, वे हमारी टीम के सबसे बेहतरीन और चुस्त फील्डर हैं, इसलिए किसी एक को इस हार या गलती का जिम्मेदार ठहराना गलत होगा। कभी-कभी दबाव और परिस्थितियां हाथ में नहीं होतीं, लेकिन जरूरी यह है कि हम अपनी इन कमियों से सबक लें।"
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले के लिए खास रणनीति, प्लेइंग-11 में दिखेगा लचीलापन
कप्तान ने आगामी बड़ी चुनौती को लेकर कहा कि टीम का पूरा ध्यान अब कंगारू टीम के खिलाफ होने वाले महामुकाबले पर केंद्रित है। भारतीय खिलाड़ी मैदान पर कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग को दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त समय बिताएंगी। इसके अलावा टीम सिलेक्शन को लेकर रणनीति साझा करते हुए हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम मैनेजमेंट किसी एक तय या रूढ़िवादी प्लेइंग-11 के साथ मैदान पर नहीं उतरता है। हर मैच की रणनीति विरोधी टीम की मजबूती, पिच के मिजाज और मौसम की परिस्थितियों को देखकर तैयार की जाती है, इसलिए अंतिम एकादश में हमेशा बदलाव की गुंजाइश बनी रहती है।
अंतिम चार में पहुंचने के लिए हर हाल में जरूरी है जीत
भारतीय टीम के लिए अब सेमीफाइनल का गणित बिल्कुल सीधा है—उन्हें अपने आखिरी ग्रुप मैच में शक्तिशाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को हर हाल में हराना होगा। इस चुनौती पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, "हम अच्छी तरह जानते हैं कि सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने के लिए यह मैच जीतना हमारे लिए कितना अनिवार्य है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला हमेशा कड़ा और रोमांचक होता है, और हमारी टीम को ऐसी बड़ी टीमों के खिलाफ चुनौती स्वीकार करना पसंद है। नवी मुंबई में ऑस्ट्रेलिया पर मिली हमारी पिछली जीत ने टीम के भीतर के कई मानसिक डर को खत्म किया था और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचाया था। हम उसी सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।"


मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर
बालोद में असर दिखा रही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
प्रत्येक विधानसभा में खुलेगी "कृषि यंत्र किराये की दुकान"
राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना जागरूक नागरिक की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सरकार से संवाद की पहल, सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखी शर्त