ईरानी ड्रोन हमले से समुद्री रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित
दुबई/वॉशिंगटन: दुनियाभर में तेल के व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाने वाला 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को एक ईरानी ड्रोन ने एक मालवाहक जहाज पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) को फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हजारों नाविकों (सीफर्स) को सुरक्षित निकालने का अपना मानवीय अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। हालांकि, ईरान ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंताएं पैदा कर दी हैं।
जहाज को पहुंचा नुकसान, नाविक सुरक्षित
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की है कि ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर किसी अज्ञात चीज (प्रोजेक्टाइल) से हमला हुआ। इस हमले के कारण जहाज के मुख्य हिस्से (ब्रिज) को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ और समुद्र में तेल रिसाव या प्रदूषण जैसी कोई समस्या नहीं हुई। अधिकारियों ने साफ किया है कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह नाविकों को निकालने वाले अभियान का हिस्सा नहीं था।
नाविकों को निकालने का अभियान क्यों रुका?
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इसी समझौते के तहत खाड़ी में फंसे 11 हजार से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना शुरू की गई थी। आईएमओ (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि नाविकों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। जब तक सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा नहीं हो जाती और जहाजों की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिलती, तब तक के लिए इस अभियान को रोक दिया गया है।
ईरान की चेतावनी और सुरक्षा मार्ग
हमले के बाद ईरानी अधिकारियों ने एक नई चेतावनी जारी की है। ईरान का कहना है कि केवल उन्हीं जहाजों की सुरक्षा की गारंटी होगी जो ईरान द्वारा तय किए गए समुद्री रास्तों से गुजरेंगे। अगर कोई जहाज स्वीकृत (अप्रूव्ड) रास्ता छोड़कर किसी अन्य मार्ग से जाता है, तो उसकी सुरक्षा और बीमा की जिम्मेदारी खुद जहाज के मालिक की होगी। यह चेतावनी समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) और क्षेत्र के हालातों को देखते हुए जारी की गई है।
वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर असर
यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो खाड़ी देशों के दौरे पर हैं और इस समझौते के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ताजा हमले ने न केवल फंसे हुए नाविकों की सुरक्षित वापसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि खाड़ी क्षेत्र की नाजुक सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना दिया है। जानकारों का मानना है कि इस तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है।


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