वक्फ बोर्ड के गठन में बड़ा बदलाव, मध्य प्रदेश सरकार ने पहली बार 2 हिंदू सदस्यों को दी जिम्मेदारी
भोपाल। देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड के नए गठन के तहत इंदौर के मनोज मालपानी और गुना (राघौगढ़) के अनिमेष भार्गव को बतौर सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं, सनवर पटेल को एक बार फिर से बोर्ड की कमान सौंपते हुए अध्यक्ष बनाया गया है।
संशोधित वक्फ कानून के तहत मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास
साल 2025 में वक्फ कानून में किए गए बदलावों के बाद यह नियम अनिवार्य किया गया था कि हर राज्य के वक्फ बोर्ड में कम से कम दो गैर-मुस्लिम सदस्यों का होना जरूरी है। इसी नियम का पालन करते हुए मध्य प्रदेश शासन ने मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को बोर्ड में जगह दी है। इस फैसले के साथ ही मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने अपने वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को नियुक्त किया है। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि नजमा हेपतुल्ला का चयन साल 2023 के नियमों के तहत हुआ था, इसलिए उनका कार्यकाल 18 अप्रैल 2028 तक जारी रहेगा और उन्हें इस नई टीम में भी बाकी बचे समय के लिए सदस्य बनाए रखा गया है। इस पुनर्गठन के साथ मध्य प्रदेश नए कानून को लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है।
वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्य और उत्तरदायित्व
भोपाल मुख्यालय वाला मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड एक कानूनी संस्था है, जिसकी स्थापना वक्फ अधिनियम, 1995 के अंतर्गत की गई थी। इस बोर्ड का मुख्य काम वक्फ के अधीन आने वाली जमीनों और संपत्तियों की देखरेख, उनका सही संचालन और उनसे होने वाली कमाई का पूरी पारदर्शिता के साथ इस्तेमाल पक्का करना है। इसके साथ ही बोर्ड इन संपत्तियों का पूरा लेखा-जोखा रखता है, उन्हें अवैध कब्जों से बचाता है, कानूनी विवादों का निपटारा करता है और मिलने वाले राजस्व को धार्मिक, सामाजिक और शिक्षा से जुड़े कल्याणकारी कामों में लगाता है।
हजारों वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्तमान में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अंतर्गत 14,863 रजिस्टर्ड वक्फ एस्टेट मौजूद हैं, जिनसे कुल 23,118 संपत्तियां जुड़ी हुई हैं। इन संपत्तियों के दायरे में प्रदेश भर की मस्जिदें, दरगाह, कब्रिस्तान, मदरसे, ईदगाह, कमर्शियल दुकानें, रिहाइशी मकान और खेती की जमीनें शामिल हैं, जिनका प्रबंधन इस बोर्ड द्वारा किया जाता है।


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