सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर पत्नी का बड़ा बयान, बिना अनुमति उपचार पर जताई आपत्ति
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनकी या परिवार की सहमति के बिना वांगचुक को कोई भी दवा या चिकित्सकीय उपचार न दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी अनुमति के बिना कोई भी प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो उसके लिए प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
स्वास्थ्य को लेकर परिवार और पुलिस का अलग-अलग पक्ष
गीतांजलि आंग्मो का कहना है कि कल तक उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक थी और उन्हें अस्पताल ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने अपने अधिकार का हवाला देते हुए बिना अनुमति इलाज न करने की मांग की है। वहीं, दिल्ली पुलिस का दावा है कि विशेषज्ञों की राय और दिल्ली उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में ही वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर स्थल को शांतिपूर्वक खाली करने की अपील भी की है।
नीट विवाद और आंदोलन का उद्देश्य
सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और इस पूरे विवाद के दौरान छात्रों की दुखद मौतों के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। वे 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा 28 जून से चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वांगचुक ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा था कि भूख हड़ताल के चलते उनके शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा कमजोर हो गया है, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग हैं। उनका मानना है कि सरकार को युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए।
उच्च न्यायालय द्वारा स्थिति की निगरानी
दिल्ली उच्च न्यायालय इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए है। न्यायालय ने पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे वांगचुक के स्वास्थ्य का नियमित आकलन करें और यदि आवश्यक हो, तो उन्हें फौरन उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। फिलहाल अस्पताल में उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है, जबकि बाहर उनके समर्थकों और पुलिस के बीच स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन को समाप्त करना है, जबकि वांगचुक के परिजन उनके उपचार को लेकर अपनी सहमति को लेकर अत्यधिक सतर्क हैं।


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