मौसम की मार से देश बेहाल: 43 से ज्यादा मौतें, कई राज्यों में बाढ़ का खतरा, जानें आपके शहर का मौसम
नई दिल्ली। देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून का कहर जारी है। मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक कम से कम 43 लोगों की जान जा चुकी है। असम, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक इसी तरह के हालात रहने की चेतावनी दी है।
पहाड़ी राज्यों में कुदरत का रौद्र रूप
उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में प्रकृति का भयावह रूप देखने को मिला है, जहां हादसों में 22 लोगों की मौत हुई है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में शनिवार रात बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस घटना में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 8 लोग अभी भी लापता हैं। राजौरी की सुखतो नदी के तेज बहाव में कई वाहन ताश के पत्तों की तरह बह गए। खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ अब माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी की तीर्थ यात्राएं भी अगले आदेश तक रोक दी गई हैं। वहीं उत्तराखंड में भी हालात गंभीर हैं, जहां बिजली गिरने और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। राज्य के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और भूस्खलन के कारण 84 सड़कें बंद हो गई हैं।
पूर्वोत्तर में तबाही और बाढ़ का संकट
नगालैंड के मोन जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। मलबे के नीचे दबने से आठ लोगों की मौत हो चुकी है, और कई घर पूरी तरह बह गए हैं। राज्य में यातायात के मुख्य मार्ग ठप हो गए हैं, जिससे राहत कार्य में कठिनाई आ रही है। वहीं, असम में बाढ़ की स्थिति हर घंटे विकराल होती जा रही है। राज्य के सात जिलों में 57,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं और 298 गांव जलमग्न हो चुके हैं। बुरिदिहिंग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सेना और वायुसेना को स्टैंडबाय पर रखा है। शिवसागर, चराइदेव और धेमाजी जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
दिल्ली-एनसीआर के लिए अनुमान
देश के अन्य हिस्सों में जहां मूसलाधार बारिश आपदा लेकर आई है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से भीषण उमस और गर्मी से परेशान लोगों के लिए आज राहत की खबर है। मौसम विभाग ने मध्यम बारिश का अनुमान जताया है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। प्रशासन ने सभी प्रभावित राज्यों में बचाव दल तैनात कर दिए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


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