कोरोना संक्रमित डॉक्टर का इलाज कराने 175 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस से भेजा भोपाल, वहां से एयर एंबुलेंस से हैदराबाद रवाना

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतेंद्र मिश्रा को बचाने के लिए शासन स्तर पर पहल की जा रही है। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद फेफड़ों के संक्रमित होने से डॉ. सतेंद्र की हालत नाजुक हुई है। डॉक्टर की स्थितियों को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सोमवार सुबह पुलिस व प्रशासन ने सागर से भोपाल के बीच करीब 175 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया और उन्हें सड़क मार्ग से एंबुलेंस की मदद से भोपाल पहुंचाया गया।

जहां से एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेज दिया गया है। सूचना के अनुसार रविवार को एयर एंबुलेंस भोपाल स्थित राजाभोज एयरपोर्ट पहुंची। यहां सागर पुलिस टीम ने डॉक्टरों की टीम को रिसीव किया और रात करीब 12 बजे सड़क मार्ग से भाग्योदय अस्पताल सागर लेकर आए। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने डॉ. सतेन्द्र मिश्रा को वेंटीलेटर पर शिफ्ट किया। शिफ्टिंग होने के बाद सुबह करीब 5 बजे डॉ मिश्रा को एंबुलेंस की मदद से सड़क मार्ग से भोपाल ले जाया गया। जहां से एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा गया। हैदराबाद में डॉ. मिश्रा का इलाज होगा।

सुबह 10.30 बजे पहुंचे हैदराबाद, इलाज शुरू

एयर एंबुलेंस से कोरोना संक्रमित हुए डॉ सतेंद्र मिश्रा सोमवार सुबह करीब 10.30 बजे हैदराबाद पहुंच गए हैं। उन्हें हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉ. अपार जिंदल ने उनका इलाज शुरू किया है। डॉ. सतेंद्र मिश्रा के स्वस्थ्य होकर घर लौटने को लेकर कामनाओं का दौर शुरू हुआ है। परिवार से लेकर डॉ. मिश्रा के साथी व अस्पताल प्रबंधन उनके स्वस्थ्य होने की कामना कर रहे हैं।

रविवार को खुलवाई बैंक ऑफ इंडिया की शाखा

हैदराबाद की एयर एंबुलेंस से रविवार सुबह प्रशासन को एस्टीमेट मिल पाया। यह 18 लाख 25 हजार रुपए का था। पैसे ट्रांसफर हुए बिना एयर एंबुलेंस का आना मुश्किल था। ऐसे में कलेक्टर दीपक सिंह ने आनन-फानन में बैंक ऑफ इंडिया की कलेक्ट्रेट ब्रांच खुलवाने के लिए मुंबई स्थित मुख्यालय में बात की और फिर शाखा प्रबंधक शनि राघव ने बेंगलुरू की आईसीएटीटी हेल्थ सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के खाते में राशि ट्रांसफर की और शाम को एयर एंबुलेंस हैदराबाद से भोपाल रवाना हो गई।