बाल अधिकार: 'संवारो मेरा बचपनÓ पर मीडिया कार्यशाला

'समीरा संवेदना समितिÓ स्वयं सेवी संगठन है। महिलाओं, बच्चों एवं सामाजिक रूप से पिछड़े हुए लोगों के उत्थान के लिए कार्य करती हैै। स्वास्थ्य, घरेलू हिंसा से संरक्षण एवं समाज के शोषण की शिकार महिलाओं को हर संभव सहायता करना व उनकी शिक्षा, स्वच्छता, रोजगार प्रशिक्षण प्रदान करना, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए सदैव प्रयासरत है। संस्था का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को सुदृढ़ करके एक उन्नत, विकसित व संस्कारित, हिंसा विहिन समाज का निर्माण करना है। दिनांक 29 जून 2016 को मोटल सिराज, बोर्ड ऑफिस चौराहा पर मीडिया कार्यषाला आयोजित की जिसमें सभी विशेषकर. महिला पत्रकारो ने भागीदारी की।  बच्चों के संदर्भ में कई शोध एवं राष्ट्रीय अपराध अन्वेषण ब्यूरों के आकड़े बहुत चौकाने वाले है , इसके अलावा बाल अधिकार को मानवाधिकार के सन्दर्भ में देखें तो आज भी बच्चे अपने मूलभूत अधिकारों से वंचित होकर एक असुरक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर है। इसी परिपेक्ष्य में समीरा संमेदना समिति, यूनिसेफ के सहयोग से दिनांक 29 जून 2016 को  बाल अधिकार पर 'संवारो मेरा बचपनÓ  मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें सभी विशेषकर महिला पत्रकार को भागीदारी सुनिश्चित कर एक संवेदनशील एवं सुरक्षित वातावरण बनाने की पहल की गई। कार्यक्रम का आरंभ में समीरा संस्था की अध्यक्ष श्रीमती मीरा सिंह ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए उददेश्य स्पष्ट किया । पूर्व सचिव श्रीमती निर्मला बुच ने बच्चों की प्रदेश में स्थिति का बाल सुरक्षा के परिपेक्ष्य में अपनी बात रखी । यूनिसेफ के अनिल गुलाटी जी ने बाल मुद्दों पर मीडिया की भूमिका को महत्व बताया कहा कि बाल मुद्दो पर मीडिया द्वारा पैरवी करने से  बच्चो के लिए एक सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सकता है। चर्चा में मीडिया पत्रकारो ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए भागीदारी की। अधिवक्ता सुशीला गोयल, प्रीतिमा श्रीवास्तव, सपना नागवंशी व अनीता श्रीवास्तव एवं एफएम से सुश्री आदिति, महिला पत्रकारों में कविता मनडारे, श्रवनी सरकार, मेघा गजभैया, सुषाम कालम्बे इत्यादी ने बाल अधिकारों पर चर्चा की। सभी महिलाओं ने खुलकर अपने विचार एवं तर्क रखें। सुश्री संगीता मोहरिर्र ने बाल अधिकारों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री ममता तिवारी द्वारा किया गया।