पटना । बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शराबबंदी के मामले को लेकर नीतीश सरकार जमकर घेरा है। उन्होंने कहा ‎कि  बिहार में असली शराब माफिया कोई है तो वह खुद सीएम नीतीश कुमार हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के मंत्री रामसूरत राय के स्कूल से शराब मिली है। जिस स्कूल में शराब मिली उसके संस्थापक खुद बिहार सरकार के मंत्री रामसूरत रहे हैं। इस मामले में रामसूरत राय के भाई के खिलाफ एफआईआर की भी कॉपी है। उन्होंने कहा ‎कि जिस स्कूल से शराब की बरामदगी हुई है, उसके व्यवस्थापक रामसूरत राय के भाई हंसराज हैं, लेकिन सभी सबूत रहने के बाद भी इन दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। तेजस्वी ने कहा कि रामसूरत राय के विद्यालय का नाम ज्ञान विद्या मंदिर है, लेकिन यह समझ से परे है कि आखिर वहां कैसा ज्ञान दिया जा रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार से तत्काल प्रभाव से रामसूरत राय को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आखिर रामसूरत राय पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। तेजस्वी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा ‎कि नीतीश देश के सबसे बेबस और थके हुए सीएम हैं। देश में ऐसा कोई सीएम नहीं है जो नीतीश कुमार की तरह कमजोर है। 
तेजस्वी ने कहा ‎कि बिहार में पुलिस ने भी माना है कि 9 लाख लीटर शराब जप्त हुई है, ऐसे में जिलों से होकर शराब पहुंच रही है। जेडीयू पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार में आज सबसे ज्यादा मुनाफे वाला व्यापार शराब का हो गया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में 64 फ़ीसदी विधायक दागी हैं जिन पर बलात्कार, अपहरण जैसे संगीन आरोप हैं। तेजस्‍वी यादव ने कहा कि इस मुद्दे को हमने सदन के पटल पर भी रखने का काम किया है, लेकिन नीतीश कुमार ऐसा करते हैं जैसे उनको अपने विधायकों के बारे में कुछ पता नहीं होता। वह हर समय जानबूझ कर अंजान बने रहते हैं। इसके साथ ही तेजस्वी ने बिहार के पूर्व मंत्री मेवालाल के प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि मेवालाल के मामले में भी नीतीश कुमार अनजान बन गए थे, लेकिन दबाव बनाने के बाद उनको मंत्री से हटाना पड़ा है।