देवास. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुए किसानों (Kisan Tractor March) व अन्य प्रदर्शनकारियों के उपद्रव के लिए पुलिस को ही जिम्मेदार बताया है. दिग्विजय ने कहा कि पुलिस ने हिंसक रूप अपनाया है. किसान तो शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. दिग्विजय ने कहा कि वहां के किसान नेताओं व यूनियन वालों ने बिना आईडी कार्ड वाले 15 शासकीय कर्मचारियों को पकड़ा, ये कौन लोग थे, इसको लेकर खुलासा किया जाना चाहिए. गाजीपुर का रूट पुलिस ने जानबूझकर बदला, इसलिए गड़बड़ी हुई.

किसानों का बचाव करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था. केवल गाजीपुर में पुलिस ने रूट बदला था और वहीं सारा झगड़ा हुआ है और एक किसान को गोली लगी है. दिग्विजय सिंह ने इसे सुनियोजित बताते हुए पुलिस को ही हिंसा का जबाबदार ठहराया है. देवास दौरे पर पहुंचे दिग्वजिय सिंह ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने किसानों को भड़काने का काम किया, जिसका नतीजा देखने को मिला. पुलिस ने किसानों पर लाठी चलाए और फायरिंग भी की.

पीएम नरेंद मोदी को बताया सुपारी लेने वाला
दिग्विजय सिंह ने पीएम नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा. पूर्व सीएम ने कहा कि कृषि बिल कानून लाने का मकसद सिर्फ बड़े-बड़े उद्योगपतियों  खरबपतियों को एग्रीकल्चर कॉमोडिटी मार्किट में उतारना है. ये 18 लाख करोड़ का व्यापार है. इस व्यापार की सुपारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ली है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए केन्द्र सरकार किसानों को हासिए पर रखने के लिए तैयार है.