आपसी सहमति से विवाह विच्छेद 

हिदंुओ में विवाह एक संस्कार माना जाता है परंतु आज के युग में विवाह विच्छेद के प्रकरण अत्याधिक मात्रा में देखने को मिल रहे है। विवाह विच्छेद के कारण कई है एवं हिदू विवाह अधिनियम के तहत कानून द्वारा भी पति पत्नी को विवाह विच्छेद हेतु विभिन कारण दिये गये है। 

यह अति महत्वपूर्ण है कि विवाह विच्छेद के कारण कोई भी रहे हो परंतु यह ण्क दर्दनाक प्रक्रिया ही कही जा सकती है। कुछ समय अथवा साल सयाथ बिताने के उपरातु एक दूसरे पर दोषारोपण कर अलग होने से बेहतर करनून में आपसी सहमति से भी विवाह विच्छेद का प्रावधान दिया गया है। 

 

उक्त प्रावधान के अंतर्गत पति पत्नी द्वारा आपसी सहमती से विवाह विच्चछेद हेतु आवेदन अंतर्गत धारा 13 बी हिदु विवाह अधिनियम माननीय परिवार न्यायालय के समक्ष किया जा सकता है। परंतु यह अनिवार्य है कि उक्त आवेदनपत्र प्रस्तुत करने के पहले दोनो आवेदकगण एक साल से प्रथक हो व उनके मघ्य कोई दांपत्य संबध ना रहे हों। 

 

अस संबध में अधिनियम के अंतर्गत अत्यंत ही आसान प्रक्रिया बताई गई है। उक साल के अलग निवास के बाद पति पत्नी संयुक्तरुप से आवेदन कर सकते है। माननीय न्यायालय द्वारा 6 माह का समय दिया जाता है। एवं उसके बाद पुनः दोनो न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो कर अपने अंतिम बयान देते है  िकवह विवाह विच्छेद चाहते है अथवा नही। कानून द्वारा उक्त 6 माह का समय दोनो पक्षों के पुर्नविचार हेतु होता है कि यदि वह अपने विवाह च्छिेद के निर्णय को बदलना चाहें तो वह अपना आवेदन पत्र वापस ले सकते है। उक्त आवेदनपत्र के साथ दोनो पक्ष अपना षपथपत्र भी प्रस्तुत करते है। अंतिम बयान भी षपथपत्र द्वारा प्रस्तुत किये जा सकते है। उक्त सहमती से लिया गया तलाक एक प्रकार से पक्षकारों को होने वाले तनाव को कम कर सकता है । इसके अतिरिक्त यदि कोई संतान है तो उक्त आवेदनपत्र में विषेषरुप से दर्षाना होता है कि बच्चे किस के वास रहेगे व उनका लालनपालन कौन करेगा। इसके अतिरिक्त दोनो पक्ष आपस में भरणपोषण् स्त्रीधन की व सामान वापसी भी उक्त आवेदनपत्र में उल्ल्ेखित कर सकते हैं। अंतिम बयानो के दौरान यदि एक पक्ष भी विवाह विच्छेद के लिये असहमत हो जाता है न्यायालय द्वारा डिक्री पारित नही की जाऐगी। 

एक महत्वपूर्ण प्रकरण में न्यायालय के समक्ष अंतिम बयान देने के प्ष्चात आवेदकगण द्वारा   अपनी गलती संधारते हुऐ पुनः आपस में विवाह कर लिया गया एवं आज एक सु,ाी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे है।