धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाह पंचमी के दिन कुछ उपाय करके शादी में आ रही दिक्कतों या वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानी को दूर किया जा सकता है.

ज्योतिष के अनुसार इस दिन राम और सीता का विधिवत पूजन करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर हो जाती हैं. इस साल विवाह पंचमी 8 दिसंबर दिन बुधवार को है. यहां पढ़िए कुछ ऐसे उपायों के बारे में जो आपकी शादी संबंधी परेशानी को दूर कर कर सकते हैं.

विवाह पंचमी शुभ मुहूर्त

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष तिथि आरंभ : 07 दिसंबर 2021 को रात 11 बजकर 40 मिनट से

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष तिथि समाप्त : 08 दिसंबर 2021 को रात 09 बजकर 25 मिनट पर

वैवाहिक जीवन की परेशानी दूर करने के लिए

श्रीराम और माता सीता की जोड़ी को आदर्श माना गया है. अगर आपके वैवाहिक जीवन में किसी तरह की समस्या है तो आपको विवाह पंचमी के दिन रामचरितमानस में लिखे राम-सीता प्रसंग का पाठ करना चाहिए. इसके बाद भगवान से अपनी समस्या को दूर करने की प्रार्थना करें. ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याएं खत्म होने लगती हैं. ऐसा माना जाता है कि रामचरितमानस विवाह पंचमी के दिन ही पूरी हुई थी, इसलिए यदि इस दिन घर में इसका पाठ कराते हैं तो इससे घर में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सुख शांति आती है. संबंध अच्छे बनने लगते हैं.

अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए

सुयोग्य जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं और यह तलाश खत्म होने का नाम नहीं ले रही ​तो आपको विवाह पंचमी के दिन व्रत रखकर श्रीराम और माता सीता का पूजन करें. उनका विवाह संपन्न कराएं और अपनी इच्छापूर्ति की कामना करें. ऐसा करने से अच्छा वर मिलने को लेकर आ रही सभी मुश्किलों दूर हो सकती हैं. शीघ्र विवाह के योग बनते हैं.
संतान प्राप्ति और संतान की परेशानी दूर करने के लिए

जीवन में संतान सुख की कमी है तब भी यह दिन आपके लिए बहुत शुभ है. राम और सीता की लव कुश की तरह तेजस्वी संतानें थीं. इस दिन सीमा-राम की विधि-विधान से पूजा करने और श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती है. यदि पहले से कोई संतान है और उसे किसी तरह की समस्या है, तो वो परेशानी भी दूर हो सकती है.