वाराणसी। गंगा किनारे की स्वच्छता ठीक उसी प्रकार जरुरी है जिस प्रकार हम अपने घर और आंगन को साफ सुथरा रखते हैं। साफ सफाई को संस्कार के रूप में अपनाया जाना चाहिए। स्वच्छता रूपी संस्कार को ग्रहण कर हम कई जानलेवा बीमारियों से बच सकते हैं। ये बात गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कही।

उन्होंने कहा साफ सफाई के अभाव और प्रदूषण के चलते कोरोनावायरस, मलेरिया, वायरल और डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अधिकतर लोग प्लास्टिक का सामान गंगा और कहीं भी फेंक देते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा।

गंगा सेवक एवं ब्रांड अंबेसडर (स्वच्छता दूत) नगर निगम वाराणसी राजेश शुक्ला ने दशाश्वमेध घाट पर पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जित किए गए सामग्रियों को निकाल कर स्वच्छता रूपी इस अविरल प्रवाह को विभिन्न घाटों पर निरूपित किया। इस अवसर पर उन्होंने नमामि गंगे रूपी सांस्कृतिक महायज्ञ में शामिल होने के लिए सभी नागरिक जनों से अपील भी की।