मुंबई । सरकार ने पाम तेल सहित खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 112 डॉलर प्रति टन तक की कटौती की है, ‎जिससे खाद्य तेल की घरेलू कीमतों में ‎गिरावट आ सकती हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना जारी कर कच्चे पाम तेल के आयात पर शुल्क मूल्य में 86 डॉलर प्रति टन और आरबीडी (रिफाइंड, ब्लीच्ड एंड डियोडराइज्ड) एवं कच्चे पामोलिन के आयात पर शुल्क मूल्य में 112 डॉलर प्रति टन की कटौती की गई है। कच्चे सोयाबीन तेल के आधार आयात मूल्य में भी 37 डॉलर प्रति टन की कमी की गई है। खाद्य तेल के आयात शुल्क मूल्य में बदलाव गुरुवार 17 जून से प्रभाव में आएगा। कर विशेषज्ञों ने कहा कि शुल्क मूल्य में कटौती से घरेलू बाजार में खाद्य तेल की कीमतें कम हो सकती हैं क्योंकि इससे आधार आयात मूल्य पर देय सीमा शुल्क कम हो जाता है।  ‎विशेषज्ञों ने कहा कि खाद्य तेल तिलहन की घरेलू खपत और मांग के बीच देश में बड़ा फासला है जिसकी वजह से इनका बड़ी मात्रा में आयात किया जाता है। पिछले कुछ माह के दौरान इनके खुदरा मूल्य में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि आधारभूत आयात मूल्य में होने वाले इस बदलाव का खुदरा दाम पर असर पड़ सकता है बशर्ते कि विनिर्माता, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं सहित पूरी आपूर्ति श्रृंखला से इस कटौती का लाभ उपभोक्ता तक पहुंचाया जाए।