महिलाओं के भरणपोषण हेतु कानूनी अधिकार: सुश्री संगीता मोहरिर्र (अधिवक्ता)

भारत में महिलाओ को भरणपोषण प्राप्त करने के लिये कानून में कई प्रावधान है जिसमें से मुख्य है धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत दिये प्रावधान।

उक्त धारा के अंतर्गत वो व्यक्ति जिसके पास समुचित आर्थिक साधन हो अपनी पम्नी नाबालिग जायज अथवा नाजायज बेटा अथवा बेटी माता या पिता जो कि स्वयं के भरणपोषण में असमर्थ हों भरण पोषण देने को बाध्य होगा।

यह महत्वपूर्ण है कि यदि कोई पुरुष जो कि स्वयं के भरण पोषण में असमर्थ है परंतु उसकी पत्नी अथवा पुत्र या पुत्री आर्थिक रुप से सक्षम है भरणपोषण देने को बाध्य होगें।

उक्त अधिनियम के अंतर्गत भरण पोषण की राषी व्यक्ति की आय रहन सहन का स्तर व मूल जरुरतो को देख कर प्रदान की जाती है। बच्चे बालिग होने के उपरांत उक्त भरण पोषण राषी प्राप्त करने के अधिकारी नही होगें परंतु यदि वयस्कता प्राप्त करने के बाद भी वे मानसिक अथवा षारिरिक अपंगता लिये होते है तो भरण पोषण प्राप्त कर सकेगें। यहां तक की विवाह विच्छेद के बाद भी पत्नी भरण पोषण पाने की हकदार होती हैं

उक्त अधिनियम में मात्र विधिवतरुप से विवाहित पत्नी ही आवेदन कर सकती है। यह सिद्व करना आवष्यक है कि भरणपोषण चाहने वाला व्यक्ति स्वयं कमाने में समर्थ नही है। जिससे भरणपोषण मांगा जा रहा है उसकी आय एवं विवाहित पति अथवा पत्नी एडल्टरी में तो नही रह रहे है। इसके अतिरिक्त भरणपोषण चाहने वाला व्यक्ति को यह भी सिद्व करना होता है  िकवह जायज कारण से अलग निवासरत् है।

उक्त कानून की मंषा यही है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक संकटवष किसी प्रकार के गलत अनेतिक कार्य ना करने लगे। भरणपोषण की राषी एषोआराम की जिन्दगी के लिये ना हो कर एक ऐसी राषी है जो किसी व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिये सहायक हो।

कई बार प्रकरणों में पत्नी के कमाते होते हुऐ भी भरणपोषण राषी यह मान कर दी गई है कि पत्नी की आय ज्यादा नही है। असके अलावा माननीय उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा अपने निर्ण में यह भी कहा गया है कि पढीलिखी महिलाओं को भरणपोषण का राषी मात्र पति को परेषान करने के लिये नही मागना चाहिये। ऐसी महिलाओं को भरणपोषण का राषी दिलवाने से वे जानबूझ कर काम नही करेगीं व बेरोजगारों की टीम खडी हो जाऐगी।

उक्त अधिनियम में प्रकरण प्रस्तुत कर व अतिम निराकरण में समय लगने की संभावना को देखते हुऐ अंतरिम भरण पोषण का प्रावधान भी है।