भोपाल।शिवराज सरकार ने प्रदेश भर में संचालित मैरिज गार्डनों पर नकेल डाल दी है। नगरपालिका एक्ट के तहत विवाह स्थल का पंजीयन एवं उपभोग आदर्श उपविधि बनाकर उसे लागू कर दिया है। इसके तहत आगामी 31 मार्च तक तीन माह में यदि मैरिज गार्डन संचालक ने संबंधित नगरीय निकाय में अपना पंजीयन नहीं कराया तो उसे अवैध घोषित कर हटा दिया जायेगा, साथ ही न्यायालय में अभियोजन की कार्यवाही भी की जायेगी।
नई उपविधि के अनुसार, 50 से अधिक क्षमता वाले विवाह स्थल का पंजीयन होगा। विवाह स्थल की परिभाषा में होटल, भूखण्ड, फार्म, सामुदायिक केंद्र, भवन, क्लब, बैंक्वेट हॉल, धर्मशाला आदि को शामिल किया गया है जो विवाह, सगाई, बारातघर, जन्म दिवस एवं अन्य प्रकार के समाजिक समारोहों जैसे उत्सव, प्रदर्शनी, कन्वेंशन, गरबा उत्सव, नववर्ष मिलन आदि आयोजनों के लिये उपयोग किये जाते हैं।मैरिज गार्डन के पंजीकरण हेतु दिये जाने वाले आवेदन में भवन/भूमि के स्वामित्व के दस्तावेज, भवन अनुज्ञा एवं स्वीकृत ले आउट की प्रति, नेशनल बिल्डिंग कोर्ड के अनुसार अग्रिशमन यंत्र एवं इसकी फायर एनओसी, अग्रिशमन के लिये प्रशिक्षित कर्मचारियों की संख्या एवं उनके ब्यौरे, विवाह स्थल की क्षमता, प्रवेश एवं निर्गम के दो द्वारों, विवाह स्थल के पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर होने के दस्तावेज, कचरा प्रबंधन, वाटर हार्वेस्टिंग, हलवाई/कैटरिंग के स्थान की जानकारी जहां भोजन तैयार किया जायेगा, विकसित वृक्ष/पार्क/लैंडस्केपिंग का विवरण, विद्युत भार एवं जनरेटर रुम व्यवस्था, 25 प्रतिशत स्थान वाली पार्किंग, संपत्ति, जल एवं नगरीय निकाय करों को जमा करने की रसीदें एवं कोई बकाया न होने की एनओसी, मैरिज गार्डन किराये पर चलाने वाले पर किरायेदारी के दस्तावेज देने होंगे तथा स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देना होगा कि विवाह स्थल पर उकत्रित कचरे को स्वयं के व्यय पर हटायेगा, समीपस्थ अस्पताल एवं रात्रिकालीन शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित नहीं करेगा, रात्रि दस बजे से सुबह 8 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं करेगा। आतिशबाजी का निर्धारित स्थल रखेगा।

यह रहेगा पंजीयन शुल्क :
नगर निगमों के अंतर्गत 500 से एक हजार वर्गमीटर तक के विवाह स्थल हेतु एक बार के लिये पंजीयन शुल्क 4 हजार रुपये व सालाना उपभोक्ता शुल्क 3 हजार रुपये, एक हजार से 15 हजार वर्गमीटर के विवाह स्थल हेतु क्रमश: 5 हजार रुपये एवं 3500 रुपये, 15001 से 2500 वर्गमीटर के स्थल हेतु क्रमश: 7500 रुपये एवं 7 हजार रुपये, 25001 से 5 हजार वर्गमीटर तक के स्थल हेतु क्रमश: दस हजार रुपये एवं 9 हजार रुपये तथा 5 हजार वर्गमीटर से अधिक के स्थल हेतु क्रमश: 12500 रुपये एवं 15 हजार रुपये शुल्क देना होगा। नगरपालिकाओं एवं नगर परिषदों में भी विवाह स्थल के आकार के अनुसार ये शुल्क लिये जायेंगे। हर तीन साल में इन दरों में दस प्रतिशत की वृध्दि की जायेगी। उपविधि के अनुसार, विवाह स्थल पर महिला, पुरुष एवं विकलांगों के लिये पर्यापत संख्या में शौचालयों की व्यवस्था करना होगी। स्थल पर निजी गार्ड भी रखने होंगे। सीढिय़ों के अलावा लिफ्ट व रैम्प की व्यवस्था भी करना होगी। विवाह स्थल किसी विद्यालय, महाविद्यालय और अस्पताल की बाउण्ड्री से सौ मीटर दूर होना जरुरी होगा। किसी उपविधि का उल्लंघन करने पर दस हजार रुपये जुर्माना वसूला जायेगा। नगरीय निकाय की सीमा में विकास समिति एवं गृह निर्माण व मोहल्ला समिति के पार्क पर विवाह स्थल की अनुमति नहीं दी जायेगी।