लखनऊ । मास्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता एवं दोहरे ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी रविन्दर पाल सिंह शनिवार की सुबह नहीं रहे। वह पिछले 15 दिनों से कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती थे। गुरुवार को उन्होंने कोरोना पर तो जीत दर्ज कर ली थी पर संक्रमण के कारण उनके फेफड़े और किडनी क्षतिग्रस्त हो गए थे। शुक्रवार को उनकी हालत अचानक बिगड़ी और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया। जहां शनिवार की सुबह वह जिंदगी की जंग हार गए।
61 वर्षीय रविन्दर पाल मूल रूप से सीतापुर के थे। उनकी कर्मस्थली लखनऊ रही। वह यहीं पले और बढ़े हुए। राजधानी में रहकर उन्होंने केडी सिंह बाबू और जमनलाल शर्मा जैसों से हॉकी सीखी। साल 1979 में तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने जूनिय विश्व कप में शानदार खेल दिखाया। अस्सी के दशक की शुरुआत में वह दुनिया के आला सेंटर हाफ में गिने जाते थे। भारत ने आखरी बार 1980 (मास्को) ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। रविन्दर पाल स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य थे। उन्होंने शानदार खेल दिखाया था। वह लॉस एंजिल्स (19840) में हुए ओलंपिक में भी खेले। इसके अलावा चैंपियन्स ट्रॉफी, 1982 विष्व कप, 1982 में एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। दो साल पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ से उन्हें सम्मानित किया था। कुछ वर्ष पहले उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया लखनऊ से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।