भोपाल । राज्य ‎विधानसभा में आज प्रश्नोत्तरकाल के दौरान मंदसौर और नीमच में ट्रांसपोर्टर द्वारा गेहूं तथा खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का मामला उठा। प्रश्न के उत्तर में सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संलिप्तता भी सामने आई है। ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में ट्रांसपोटर, स‎मि‎ति प्रबंधक पर एफआईआर कराई जा चुकी है। कोऑपरेटिव सोसायटी को इस संबंध में सहकारिता आयुक्त ने एफआईआर करने के लिए 15 फरवरी को एक पत्र भेज दिया है। मंत्री भदौरिया ने बताया कि आरोपियों से वसूली की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। इनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की भी जानकारी की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया जाएगा। यदि सोसायटी के महाप्रबंधक इसमें शामिल पाए जाते हैं तो उनको हटाकर 3 माह में जांच की जाएगी। यह मामला मंदसौर से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वेयरहाउस में चौकीदार का बेटा ही ठेकेदार है जिसने यह हेराफेरी की है। उन्होंने सवाल ‎किया ‎कि क्या ठेकेदार की संप‎ति कुर्की की जाएगी। जवाब में मंत्री ने कहा ‎कि सहकारिता अधिनियम में यह प्रावधान है ‎जिसके तहत कार्रवाई की जाएगी। तीनों ‎विभागों से संबंधित कोई भी अफसर दोषी पाया जाता है तो जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी जानकारी दी ‎कि आगे गडबडी ना हो इसके लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।