ताइवान के एयरस्पेस में दिखे चीन के 66 फाइटर जेट्स
चीन और ताइवान के बीच लगातार विवाद चल रहा है। इसको लेकर चीन छोटे देश ताइवान को धमकाता रहता है। वहीं, उसने अपनी फिर एक हरकत को अंजाम दिया है। ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने जानकारी दी कि गुरुवार को ताइवान के एयरस्पेस में चीन के 66 फाइटर जेट्स देखे गए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। आगे बताया कि बीजिंग ताइनवान के पास में समुद्र में अभ्यास कर रहा था।
चीन अपने पड़ोसी देश ताइवान के आसपास दैनिक सैन्य उपस्थिति बनाए हुए है। वह ताइवान को लेकर अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दावा करता है और कहता है कि वह इसे अपने नियंत्रण में लाने के लिए बल का उपयोग कभी नहीं छोड़ेगा।
वहीं तानवान अपने को एक स्वतंत्र देश मानता है जिसको अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार के बयान में कहा कि आज सुबह 6 बजे तक ताइवान के आसपास सक्रिय 66 पीएलए विमानों और सात पीएलएएन जहाजों का पता चला। आगे बताया कि चीनी विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य को विभाजित करने वाली संवेदनशील मध्य रेखा को पार किया।
इसके द्वारा जारी किए गए एक चित्रण से पता चलता है कि कुछ विमान ताइवान के दक्षिणी सिरे के 33 समुद्री मील (61 किलोमीटर) के भीतर आए थे। साल का पिछला रिकॉर्ड मई में था, जब बीजिंग ने ताइवान के आसपास 62 सैन्य विमान और 27 नौसैनिक जहाज भेजे थे।


बलरामपुर में बुजुर्ग की मौत को लेकर चरणदास महंत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र, SDM पर हत्या का आरोप
T20 World Cup 2026: शिवम दुबे ने नीदरलैंड के खिलाफ 66 रनों की तूफानी पारी खेली, धोनी की सीख बनी गेमचेंजर
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में ABVP का सद्बुद्धि महायज्ञ, छात्रों के हित में आंदोलन जारी
CG Board Exam: कल से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ बोर्ड के 12वीं क्लास के एग्जाम, स्टूडेंट्स इन बातों का रखें ध्यान
CG BREAKING : भाजपा: किसान, महिला, SC और OBC मोर्चा में नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा
बीजापुर एनकाउंटर: जवानों ने 5 नक्सलियों को उतारा मौत के घाट
अदालत ने याचिका को तथ्यों के आधार पर अस्वीकार किया
The Bonus Market Update: बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 1236 अंक टूटा, निफ्टी 25500 के नीचे
बयान/पोस्ट को लेकर विवाद, हर्जाने की मांग
सरकार ने जताई आपत्ति, विवाद बढ़ा