विधासनभा में हंगामे के बीच भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की घोषणा
भोपाल। विधानसभा सत्र के सातवें दिन सदन में सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों का मुद्दा जोरशोर से उठा। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में हजारों पद रिक्त होने के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायकों ने आंकड़ों के साथ सरकार से जवाब मांगा कि आखिर कब तक रिक्त पदों को भरा जाएगा। सदन में इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। विपक्ष का कहना था कि शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में पद खाली हैं, जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। जवाब में संबंधित मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ विभागों में पद रिक्त हैं, लेकिन सरकार चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। मंत्री ने कहा कि वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं तथा जल्द ही विभिन्न विभागों में भर्ती के विज्ञापन जारी किए जाएंगे। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से नियुक्तियां की जाएंगी।
विधानसभा में उठा हाकरी कारखाना मामला
भाजपा विधायक गोविंद सिंह शर्मा ने बुरहानपुर के हकारी शक्कर कारखाने में भूमि के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने जवाब देते हुए कहा कि मामले की जांच कराई गई है, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलों में उद्योग स्थापना पर सवाल, सरकार ने बताई नई औद्योगिक योजना
विधानसभा में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने जिलों में उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके प्रश्न के जवाब में गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं और स्पष्ट नीति की जानकारी भी नहीं दी गई है। इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए बताया कि अलीराजपुर जिले में कुल 12,550 जीवित पंजीयन दर्ज हैं। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत ‘उद्योग संवर्धन नीति 2025’ लागू की है। उन्होंने कहा कि रोजगार पोर्टल पर सभी इच्छुक युवा स्वयं पंजीयन करते हैं। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अलीराजपुर जिले के छकतला कला में 6 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा सेजवाड़ा, तहसील चंद्रशेखर आजाद नगर में 21.3 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण किया गया है।
कुल सचिव के भुगतान पर सवाल, मंत्री बोले- सब कुछ नियमानुसार
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा विधानसभा में गूंजा। भाजपा विधायक ललिता यादव ने आरोप लगाया कि शासन की प्रशासकीय स्वीकृति के बिना कुल सचिव द्वारा करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुल सचिव बिना स्वीकृति 40 करोड़ रुपये तक का भुगतान कर सकता है। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने जवाब देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के प्रस्ताव के आधार पर कुलपति निवास और प्रशासकीय भवन निर्माण के लिए 17 करोड़ रुपये तथा बाउंड्री वॉल, गेट और गार्ड रूम निर्माण के लिए 10 करोड़ 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस प्रकार कुल 27 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान विश्वविद्यालय द्वारा लोक निर्माण विभाग (पीआईयू), जिला छतरपुर को किया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कुल सचिव द्वारा यह भुगतान नियमानुसार किया गया है। यदि किसी को प्रक्रिया पर आपत्ति है तो मामले की जांच कराई जा सकती है।
टंट्या भील विश्वविद्यालय को लेकर विधानसभा में बड़ा खुलासा
टंट्या भील विश्वविद्यालय को लेकर विधानसभा में बड़ा खुलासा हुआ है। कांग्रेस विधायक डॉ. झूमा सोलंकी ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि वर्तमान में कितने पद भरे हुए हैं, कितने रिक्त हैं और रिक्त पदों पर कब तक भर्ती की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने लिखित जवाब में बताया कि विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर कृषि, कला, वाणिज्य (कंप्यूटर) और विज्ञान (कंप्यूटर) पाठ्यक्रम संचालित हैं। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम चल रहा है। मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के 80, सह प्राध्यापक के 40 और प्राध्यापक के 20 पद स्वीकृत हैं। इस प्रकार कुल 140 शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में सभी पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल कुछ शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। अभी विश्वविद्यालय में कार्य परिषद का गठन नहीं हुआ है, इसलिए भर्ती की प्रक्रिया कुलपति के अधिकार क्षेत्र में है। पदों की पूर्ति की सटीक समय-सीमा बताना संभव नहीं है, हालांकि 4 से 5 माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
आजीविका मिशन में गड़बड़ी का आरोप, कांग्रेस विधायक ने उठाया मामला
विधानसभा में कांग्रेस विधायक राम सिया भारती ने छतरपुर जिले में संचालित आजीविका मिशन में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गणेश वितरण कार्य में अधिकारियों ने दबाव बनाकर अपने चहेते लोगों को काम दिलाया और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। विधायक भारती ने कहा कि मामले की जांच समय-सीमा आधारित नहीं की गई है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से स्पष्ट समय-सीमा तय कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि छतरपुर मामले की जांच 28 फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी। जांच प्रतिवेदन आने के बाद ही आगे के भुगतान की प्रक्रिया की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा 28 फरवरी तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई की सूचना संबंधित सदस्य को भी दी जाएगी।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का हमला
प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भ्रम फैलाने का काम करते हैं और इसी उद्देश्य से मध्य प्रदेश आ रहे हैं। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा किसानों को गुमराह किया है और उनकी राजनीति तथ्यों के बजाय आरोपों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता और किसान अब सच्चाई समझ चुके हैं और किसी के बहकावे में आने वाले नहीं हैं।
कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना का बड़ा बयान
प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने राहुल गांधी की कृषि संबंधी जानकारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को किसानों की परिभाषा तक नहीं पता है। कंसाना ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि गेहूं की बाली कितनी बड़ी होती है और फसलों के बारे में बुनियादी जानकारी का अभाव है। उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें यूरिया और खाद के उपयोग की जानकारी नहीं है, वे किसानों के हित में क्या काम करेंगे। मंत्री ने सवाल उठाया कि बिना जमीनी समझ के प्रदेश में आकर राहुल गांधी आखिर करेंगे क्या। देश की 40 से 50 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन केंद्र की नीतियों से किसान लगातार कर्ज में सिंघार ने कहा कि देश की 40 से 50 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन केंद्र की नीतियों से किसान लगातार कर्ज में डूब रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीतियां किसानों को आत्महत्या की ओर धकेल रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के किसानों पर करीब 1 लाख 69 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार इस गंभीर स्थिति पर ध्यान नहीं दे रही। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में उनकी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने जानकारी दी कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मध्य प्रदेश के किसानों की आवाज उठाने के लिए प्रदेश आ रहे हैं।
टंट्या भील विश्वविद्यालय में 140 पद खाली, सदन में हंगामा; मंत्री बोले- होगी भर्ती
विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार की ट्रेड डील को लेकर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस डील से देश और प्रदेश के किसानों को बड़ा नुकसान होने वाला है। सिंघार ने आरोप लगाया कि जैसे ही डील हुई, उसी दिन कपास के दाम गिर गए। इससे साफ है कि बाजार पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश के सरसों, सोयाबीन और कपास के किसानों का भविष्य क्या होगा? यदि समर्थन मूल्य (एमएसपी) कम हुआ और बाजार भाव गिरते रहे तो किसान कैसे टिक पाएंगे? उन्होंने कहा कि यह केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है।


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