जबरन धर्मांतरण रोकने का प्रयास, छत्तीसगढ़ में विधेयक का मसौदा स्वीकृत
रायपुर|छत्तीसगढ़ जबरन, लालच देकर, धोखाधड़ी से या गलत बयानी से धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इससे संबंधित विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई।उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य बल प्रयोग, प्रलोभन, अनुचित प्रभाव या झूठे प्रतिनिधित्व के माध्यम से एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण को प्रभावी ढंग से रोकना है। यह विधेयक विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। वर्तमान में, छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू है, जो 1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आया था। एजेंसी


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया "गीता भारती" का विमोचन
स्वस्थ बेटियां, सक्षम बेटियां: छत्तीसगढ़ में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ
नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ शर्मिला ने थामी स्वावलंबन की सुई
स्वस्थ जीवन का आधार है इन्द्रियों पर नियंत्रण: राज्यपाल पटेल
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक करें उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ओवरलोड लिफ्ट बनी हादसे की वजह, इंदौर में शादी समारोह के बीच 12 लोग घायल
200 साल की हिंदी पत्रकारिता का जश्न, CM योगी ने दिया संदेश
घबराकर गैस बुकिंग या स्टॉक करने कि जरुरत नहीं, मध्यप्रदेश में ऑयल कंपनियों द्वारा ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति जारी
लोकतंत्र और जनहित के लिए प्रियंका गांधी ने सच सामने लाने की बात कही
हिमाचल राजनीति गरमाई: जयराम ठाकुर बोले—कांग्रेस को जड़ से खत्म करेंगे