रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : गोंडवाना साम्राज्य की महारानी वीरांगना रानी दुर्गावती के 462 वें बलिदान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जबलपुर के नर्रई नाला स्थित समाधि स्थल पहुँचकर पूजा-अर्चना की तथा रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सर्व सुशील कुमार तिवारी इंदु, अशोक रोहाणी, संतोष वरकड़े, डॉ. अभिलाष पांडे एवं नीरज सिंह भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधि स्थल पर रानी दुर्गावती अमर रहे के नारों के बीच रानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के सुपुत्र वीरनारायण को भी पुष्पांजलि अर्पित की तथा जनजातीय समाज के आराध्य बड़ादेव की पूजा अर्चना की।
जनजातीय समाज का अभिवादन और नर्तक दल का उत्साहवर्धन
इससे पहले वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित करने समाधि स्थल पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के लोगों का अभिवादन किया। समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत मंडला जिले के मोहगांव तथा डिंडौरी जिले के करंजिया से आये बैगा जनजातीय नर्तक दल ने बैगा और करमा नृत्य की प्रस्तुति से किया। डॉ. यादव भी इस मौके पर अलग अंदाज में नजर आये। उन्होंने बैगा नर्तक दल के सदस्यों के साथ जमीन पर बैठकर नगाडा बजाया। डॉ. यादव बैगा नर्तक दल के सदस्यों से बडी ही आत्मीयता से मिले तथा अपने मोबाइल से दल में शामिल सदस्यों के साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्तक दल के प्रत्येक सदस्य को पाँच-पाँच हजार रुपये देने की घोषणा भी की।


प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर मंडराया संकट, रिफाइनरी में आग के बाद युद्धस्तर पर बचाव कार्य
सॉफ़्टवेयर की गलती या सुरक्षा में चूक? डिजिटल जनगणना के नक्शे में अरुणाचल पर बड़ी गलती
बाल-बाल बचे यात्री! डोंबिवली में खाली रैक उतरा और पनवेल में गिरी स्टेशन की लिफ्ट
घर बैठे लें स्ट्रीट फूड का मजा, बनाएं मसालेदार झालमुड़ी
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति का भारत दौरा: राजघाट से शुरू हुआ कूटनीतिक सफर
"बहनों के हक का हुआ चीरहरण"— संसद में बिल गिरने पर भोपाल से गरजे सीएम मोहन यादव
विराट-अनुष्का ने साधु-संतों संग की चर्चा, आध्यात्मिक बातचीत में लिया हिस्सा
श्रीलंका में ऊर्जा हब बनेगा भारत; पाइपलाइन लिंक से जुड़ेंगे दोनों पड़ोसी देश
लू लगने पर तुरंत क्या करें? आसान भाषा में समझें पूरी जानकारी