चीन की इंटीग्रिटी टेक्नोलाजी पर प्रतिबंध, अमेरिकी अधिकारियों ने लगाए गंभीर आरोप
अमेरिका ने शुक्रवार को चीन के इंटीग्रिटी टेक्नोलाजी ग्रुप के विरुद्ध नए साइबर सुरक्षा प्रतिबंध जारी किए। यह कंप्यूटर प्रोग्रा¨मग में शामिल कंपनी है।पश्चिम के अधिकारी पूर्व में कंपनी पर ''फ्लैक्स टाइफून'' नामक एक प्रमुख चीनी हैकिंग समूह की मदद करने का आरोप लगा चुके हैं।
पिछले वर्ष एक साइबर सुरक्षा सम्मेलन में एफबीआइ निदेशक क्रिस्टोफर रे ने कहा कि इंटीग्रिटी टेक्नोलाजी ने खुद को एक आइटी कंपनी के रूप में प्रदर्शित किया था, लेकिन इसने चीनी सुरक्षा एजेंसियों के लिए खुफिया जानकारी एकत्र की। उधर चीन ने 28 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाते हुए नए निर्यात नियंत्रण उपायों की घोषणा की और उनमें से 10 को देश में व्यापार करने से रोक दिया है।
28 कंपनियों में मुख्य रूप से लाकहीड मार्टिन और उसकी पांच सहायक कंपनियां, जनरल डायनामिक्स और उसकी तीन सहायक कंपनियां, रेथियान की तीन सहायक कंपनियां, बोइंग की एक सहायक कंपनी और एक दर्जन से अधिक अन्य कंपनियां शामिल हैं।
चीनी साइबर हमलों को लेकर कही ये बात
इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरिन जीन-पियरे ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन को ट्रेजरी विभाग के नेटवर्क पर चीनी साइबर हमलों के बारे में जानकारी दी गई है और वे जोखिम कम करने के लिए काम कर रहे हैं। इस महीने चीनी हैकरों ने ट्रेजरी विभाग के कंप्यूटर सुरक्षा गार्डरेल में सेंध लगाकर दस्तावेज चुरा लिए थे।


AI समिट में हंगामे के खिलाफ BJP का हल्ला बोल, कांग्रेस ऑफिस के सामने प्रदर्शन
2600 करोड़ की लागत से बन रही सड़क, निर्माण से पहले लगी धंसने, ओवरब्रिज के दीवारों पर क्रेक
बिलासपुर में रेरा की बड़ी कार्रवाई, ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ पर 10 लाख जुर्माना
छत्तीसगढ़: बजट सत्र में पेश हो सकता है धर्मांतरण विधेयक, गृह मंत्री विजय शर्मा ने दी जानकारी
CG SIR: छत्तीसगढ़ में कटे 25 लाख वोटर्स के नाम, फाइनल वोटर लिस्ट जारी, जानें कैसे चेक करें अपना नाम
CG – चाकूबाजी से दहली न्यायधानी : इस दिग्गज कांग्रेस नेता के बेटे पर हुआ जानलेवा हमला, युवकों ने कई बार किया चाक़ू से वार
टोल प्लाजा पर अब नहीं चलेगा कैश, 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में भी लागू होगा नियम
ब्रेकिंग : पूर्व मंत्री कवासी लखमा बजट सत्र में होंगे शामिल, जानिए किन शर्तों का करना होगा पालन
फेल रही ट्रंप की टैरिफ नीति?: अमेरिका ने लगाया भारी शुल्क, फिर भी भारत से व्यापार घाटा 58.2 अरब डॉलर तक बढ़ा