कलेक्टर ने बोरवेल प्रतिबंध हटाया, मानसून और कृषि कार्यों को देखते हुए लिया फैसला
कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी गोपाल वर्मा ने जिले में मानसून की शुरुआत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों के प्रारंभ होने की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए व भू-जल स्तर में आंशिक सुधार के मद्देनजर, पूर्व में पेयजल परिरक्षण अधिनियम अंतर्गत लगाए गए नलकूप खनन प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया है।
यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा एवं जिले में भू-जल उपयोग के संबंध में लागू अन्य विधिक प्रावधान यथावत रहेंगे। पेयजल परिरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिले को 10 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 अथवा मानसून के आगमन तक की अवधि के लिए जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया था। इससे जिले में भू-जल स्रोतों के अत्यधिक दोहन को रोकने के लिए नलकूप खनन पर अस्थायी प्रतिबंध प्रभावशील था।


राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (19 फ़रवरी 2026)
रोमांच और प्रकृति का संगम शिशुपाल पर्वत बना छत्तीसगढ़ का नया एडवेंचर हब
कोण्डागांव में घर-घर बन रहा आभा आईडी
मछली पालन से बदली जिंदगी: लिखमनिया बाई को 10 माह में एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ
ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बेमेतरा में श्रमिक जनसंवाद सम्मेलन आयोजित
पीएम आवास योजना से साकार हुआ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का सपना
रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क से विकास को गति
शिक्षा को जीवन के अनुभवों से जोड़ते हुए समयानुकूल बनाना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत के प्रशिक्षित दंत चिकित्सक दंत वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार: उप मुख्यमंत्री शुक्ल