जूते पहनने के बाद पैरों की बदबू दूर करने के असरदार तरीके
सर्दियों के अंत और गर्मी की शुरुआत के इस मौसम में बंद जूते पहनना पैरों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऑफिस जाने वाले लोगों या एथलीट्स को अक्सर दिनभर जूते पहनने पड़ते हैं, जिसके कारण पैरों में पसीना आता है और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। पैरों की दुर्गंध को मेडिकल भाषा में 'ब्रोमिडोसिस' कहा जाता है, जो न सिर्फ सामाजिक शर्मिंदगी का कारण बनती है बल्कि यह दुर्गंध आपको खुद को भी बहुत परेशान करती है।जब पैरों का पसीना जूतों के भीतर बंद रहता है, तो वहां मौजूद बैक्टीरिया इसे सोखकर दुर्गंध पैदा करने वाले एसिड छोड़ते हैं। अगर आप भी जूते उतारते ही कमरे में फैलने वाली गंध से परेशान हैं, तो आपको महंगे डिओडोरेंट के बजाय कुछ जरूरी स्वच्छता नियमों और घरेलू उपायों की जरूरत है। पैरों की सही देखभाल न सिर्फ गंध को दूर करती है, बल्कि आपकी त्वचा को भी कोमल और संक्रमण मुक्त बनाए रखती है।
नमक और सिरके के पानी का जादुई असर
पैरों की गहराई से सफाई के लिए एप्सम साल्ट या साधारण नमक को गुनगुने पानी में डालें और फिर उसमें पैर डालकर 15-20 मिनट तक बैठें।आप पानी में आधा कप एप्पल साइडर विनेगर (सिरका) भी मिला सकते हैं, जो एसिडिक होने के कारण बैक्टीरिया को जड़ से खत्म कर देता है।यह प्रक्रिया न सिर्फ दुर्गंध को खत्म करती है, बल्कि पैरों की थकान को भी दूर करती है और मृत त्वचा को हटाने में भी मदद करती है।
जूतों के भीतर की गंध को ऐसे करें नियंत्रित
एक ही जोड़ी जूते लगातार दो दिन न पहनें, जूतों को कम से कम 24 घंटे धूप या हवा में सूखने के लिए छोड़ दें।जूतों के भीतर की नमी और बदबू सोखने के लिए रात भर बेकिंग सोडा छिड़क कर छोड़ दें या पुराने टी-बैग्स का इस्तेमाल करें।रात भर के लिए प्रत्येक जूते में एक या दो सूखे टी-बैग्स रख दें, चाय की पत्ती नमी सोख लेते हैं, जिससे जूते फ्रेश हो जाते हैं। हमेशा सूती मोजे ही पहनें, क्योंकि वे पसीने को सोख लेते हैं, जबकि सिंथेटिक मोजे नमी को रोककर बैक्टीरिया बढ़ाते हैं।
फिटकरी और लैवेंडर ऑयल
नहाने के बाद पैरों के तलवों पर फिटकरी रगड़ना एक बेहतरीन नेचुरल एंटी-सेप्टिक उपाय है जो पसीने को कम करता है।लैवेंडर या टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदें पैरों पर मलने से न सिर्फ अच्छी खुशबू आती है, बल्कि इनके एंटी-फंगल गुण संक्रमण से भी बचाते हैं।मोजे पहनने से पहले पैरों पर थोड़ा सा 'एंटी-फंगल पाउडर' छिड़कें, जिससे पैर दिन भर सूखे रहें।


भर्ती घोटाले की जांच में ईडी का बड़ा कदम, रथिन घोष को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज
RGPV के पुनर्गठन की तैयारी, नाम बदलने के साथ तीन अलग इकाइयों में बंट सकती है यूनिवर्सिटी
सनातन को लेकर दिग्विजय सिंह का बयान सुर्खियों में, भाजपा विधायक ने दिखाई नरमी
नर्मदा नदी में नियमों की धज्जियां, हाई कोर्ट ने तुरंत रोक लगाई
दालमंडी क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती जारी, 6 मस्जिदों के निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर हलचल तेज
चुनाव आयोग के आदेश पर जांच तेज, विदेशी नागरिकों पर फर्जी मतदान का आरोप
15 साल में जारी 1.69 करोड़ प्रमाणपत्रों पर उठे सवाल, बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
क्रूज यात्रा के बाद हंतावायरस का डर, ऑस्ट्रेलिया में छह लोग अलग निगरानी में भेजे गए
होर्मुज को लेकर बदलते समीकरणों के बीच भारत ने बढ़ाए UAE से रिश्ते, जानिए क्यों अहम हैं ये समझौते
US SEC के आरोपों के बाद अदाणी मामले में बढ़ी गतिविधि, अब न्याय विभाग की कार्रवाई पर फोकस