मदरसों के छात्रों को मिलती रहेगी स्कॉलरशिप और अनुदान
छात्रों के ट्रांसफर पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अनुशंसाओं पर रोक लगा दी है। अनुशंसा में कहा गया था शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 का पालन नहीं करने वाले मदरसों की मान्यता वापस ली जाए। उनकी सरकारी मदद को रोक दिया जाए। देश के सभी मदरसों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने गैर मान्यता प्राप्त और सरकारी सहायता प्राप्त मद्रास में पढ़ने वाले सभी गैर मुस्लिम विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर भी रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्याय मूर्ति डीवाई चंद्रचूड, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की खंडपीठ मे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेशों को चुनौती दी गई थी। यह चुनौती जमीयत उलेमा ए हिंद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद खंडपीठ ने यहआदेश जारी किया है।
मदरसों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को दूसरा झटका
उत्तर प्रदेश सरकार को 7 माह में सुप्रीम कोर्ट ने दूसरा बड़ा झटका दिया है। इसके पहले मदरसा अधिनियम 2004 को रद्द करने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर 5 अप्रैल को रोक लगा दी थी। इस तरह से मदरसों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को यह दूसरा बड़ा झटका लगा है।


दीपक से दीपक जलाना ठीक नहीं, गंगा जल प्लास्टिक बोतल में रखना भी घातक, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन