पेंशन को लेकर बड़ा फैसला, संविलियन कर्मियों को लाभ
जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ग्रामीण विद्युत सहकारी समितियों से आए कर्मचारियों के लिए पेंशन लाभ से संबंधित विस्तृत आदेश प्रसारित किए हैं। जबलपुर मुख्यालय से जारी इस निर्णय के माध्यम से उन कार्मिकों को बड़ी राहत प्रदान की गई है जो लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति लाभों की मांग कर रहे थे। कंपनी प्रबंधन ने यह कदम विभिन्न न्यायालयीन प्रकरणों में पारित आदेशों और कर्मचारियों द्वारा दायर याचिकाओं के निपटारे के क्रम में उठाया है।
समितियों का खाका व पेंशन पात्रता की शर्तें
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रीवा, मंडला और बंडा की ग्रामीण विद्युत सहकारी समितियों के कर्मचारियों का कंपनी में विलय वर्ष 2002 में संपन्न हुआ था। इसी प्रकार लौंडी, सीधी, अमरपाटन और नौगांव समितियों के कर्मियों का संविलियन वर्ष 2010 में किया गया था। इन सभी कार्मिकों के हितों पर विचार करने के लिए संचालक मंडल की 121 बैठक 24.03.2026 को आयोजित की गई थी, जिसके बाद 24 अप्रैल 2026 को पेंशन लाभ देने का अंतिम निर्णय लिया गया। नए प्रावधानों के तहत जिन पात्र कर्मियों ने 10 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर ली है, उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा। यह सुविधा 13.05.2025 को न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के प्रकाश में सेवानिवृत्त और वर्तमान में कार्यरत दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध रहेगी।
एनपीएस से संबंधित विशेष प्रावधान
प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार पात्र कर्मचारियों के जी.पी.एफ. खाते खोले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। औपचारिकताएं पूरी होते ही वेतन से कटौती की प्रक्रिया प्रारंभ होगी और जी.पी.एफ. में जमा राशि का समायोजन संविलियन की मूल तिथि से किया जाएगा। वहीं अमरपाटन, लौंडी, नौगांव और सीधी समितियों के सेवानिवृत्त, मृत या कार्यरत कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ये कर्मी मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के दायरे में नहीं आएंगे, बल्कि इन्हें नई पेंशन योजना यानी एनपीएस का पात्र माना गया है। चूंकि ये पूर्व में ई.पी.एफ. और इ.पी.एस. में पंजीकृत रहे हैं, इसलिए उन्हें उनके आवेदन और घोषणा पत्र के आधार पर ईपीएफ या इपीएस में से जो भी अधिक लाभकारी विकल्प होगा, उसके अनुसार लाभान्वित किया जाएगा। इस आदेश से विद्युत कंपनी के अधीन आने वाले सैकड़ों परिवारों को आर्थिक संबल प्राप्त होगा।


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