MS Dhoni का हवाला देते हुए रायुडू का बड़ा बयान
भारत और चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज अंबाती रायुडू ने सीएसके की डेथ ओवर की बॉलिंग पर निशाना साधा है। सीएसके ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ आखिरी पांच ओवर में 97 रन लुटाए थे। इसमें आखिरी ओवर में 30 रन शामिल हैं। टिम डेविड ने 25 गेंद में तीन चौके और आठ छक्के की मदद से 70 रन बनाकर पूरा पासा पलट दिया था। हालांकि, रायुडू ने कहा है कि जिस लेंथ पर चेन्नई के गेंदबाजों ने गेंदबाजी की, उस लेंथ पर गेंदबाजी करने से महेंद्र सिंह धोनी ने हमेशा मना किया था।
रायुडू ने चेन्नई की रणनीति की आलोचना की
आरसीबी ने रविवार को सीएसके को 43 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए 250 रन बनाने के बाद, उसने सीएसके को 207 रन पर समेट दिया। आरसीबी ने जेमी ओवरटन के आखिरी ओवर में 30 रन बटोरे थे। ओवरटन ने राउंड द विकेट गेंदबाजी की और डेविड ने इस एंगल का फायदा उठाते हुए लगातार चौके-छक्के लगाए। रायुडू ने बताया कि पहले भी सीएसके के गेंदबाज प्रैक्टिस सेशन में इस एंगल से गेंदबाजी की कोशिश करते थे, लेकिन धोनी ने मैच में इसके लिए कभी हामी नहीं भरी।
रायुडू ने कहा कि बल्लेबाजों को इस एंगल को काउंटर करने में आसानी होती है। रायुडू ने सीएसके के गेंदबाजों को सलाह देते हुए कहा कि सीएसके को पारंपरिक गेंदबाजी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। सही डाली गई यॉर्कर, सही जगह पड़ी स्लोअर गेंदें और खेल को सरल रखने पर फोकस रखना पड़ेगा।
'धोनी ने इस एंगल से गेंदबाजी से हमेशा मना किया'
रायुडू ने ईएसपीएन क्रिकइनफो से कहा, 'गेंदबाजों ने प्रैक्टिस सेशन में कई बार इस तरह की गेंदबाजी की कोशिश की, लेकिन मैचों में यह कभी लागू नहीं हुआ, क्योंकि धोनी ने डेथ ओवरों में इस एंगल से गेंदबाजी से मना किया था। एक बल्लेबाज के तौर पर हमें इस एंगल से बल्लेबाजी करने में आसानी होती है और राउंड द विकेट से आ रही गेंदों को अच्छे से काउंटर कर सकते हैं। अगर आप क्रीज से आधे फुट बाहर खड़े होते हैं, तो उस एंगल के प्रभाव को पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं। मुझे लगता है कि इस पर सीएसके को गौर करने की जरूरत है। आपको पारंपरिक गेंदबाजी पर फोकस करना चाहिए। अच्छी यॉर्कर फेंकें, स्लो गेंद फेंकें और चीजों को सिंपल और साधारण रखें।'
डेथ ओवर में गेंदबाजी चेन्नई के लिए सबसे बड़ी समस्या
डेथ ओवर्स चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक बड़ी समस्या बने रहे, क्योंकि आखिरी चार ओवरों में टीम ने 78 रन लुटा दिए, जिससे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 250/3 का विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रही। हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स 200 रन के पार पहुंच गई, लेकिन वह आरसीबी के स्कोर से काफी पीछे रह गई।
चेन्नई की डेथ बॉलिंग पर खासा असर पड़ा है, खासकर तब से जब नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर हो गए। उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किए गए स्पेंसर जॉनसन अभी तक टीम से नहीं जुड़ पाए हैं। एलिस की गैरमौजूदगी में जेमी ओवरटन उस कमी को भरने में संघर्ष करते नजर आए हैं। राउंड द विकेट गेंदबाजी करना उनके लिए नया है। आरसीबी के खिलाफ मैच से पहले उन्होंने अपने पूरे करियर में इस एंगल से दो ओवर से भी कम गेंदबाजी की थी।
चेन्नई को करना होगा रणनीति में बदलाव
हाल के वर्षों में सीएसके से जुड़ी अन्य फ्रेंचाइजियां, जैसे जोहानिसबर्ग सुपर किंग्स और टेक्सास सुपर किंग्स, राउंड द विकेट गेंदबाजी की रणनीति अपना रही हैं और इसके लिए स्पेशलिस्ट गेंदबाजों पर भरोसा करती हैं। सीजन के पहले तीन मैचों में चेन्नई की गेंदबाजी सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी है। टीम का इकोनॉमी रेट 11.57 रहा है, जो बेहद महंगा है।
दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी पहले कहा था कि टूर्नामेंट में आगे सीएसके के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनकी गेंदबाजी ही होगी, क्योंकि बल्लेबाजों पर हर मैच में 225-230 रन बनाने का दबाव बन रहा है। आरसीबी से हार के बाद सीएसके अंक तालिका में सबसे नीचे बनी हुई है और उसका नेट रन रेट -2.517 है। अब टीम की नजरें वापसी पर हैं, जब वह 11 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अगला मुकाबला खेलेगी।


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