सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के पिता काशी विश्वनाथन का 65 वर्ष की आयु में निधन
Satwiksairaj Rankireddy: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी जिनकी गिनती इस समय देश के सबसे बेहतरीन बैडमिंटन प्लेयर्स में की जाती है उनके लिए 20 फरवरी का दिन किसी बड़े झटके से कम नहीं है। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी जो अभी दिल्ली में चल रहे 43वें पीएसपीबी इंटर यूनिट बैडमिंटन टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें गुरुवार यानी 20 फरवरी के दिन खेल रत्न पुरस्कार भी मिलना था। जिसमें उनका परिवार भी दिल्ली पहुंचने वाला था, लेकिन उससे पहले सात्विकसाईराज के पिता काशी विश्वनाथम का 65 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 24 साल के सात्विकसाईराज अपने पिता के निधन की खबर मिलने के बाद टूर्नामेंट को बीच में छोड़कर घर के लिए रवाना हो गए हैं।
रिटायर्ड फिजिकल एजुकेशन टीचर थे पिता
भारतीय बैंडिमिंटन स्टार खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को लेकर बात की जाए तो उनके पिता काशी विश्वनाथम एक रिटायर्ड फिजिकल एजुकेशन टीचर थे। खबर के अनुसार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के पिता के निधन की खबर उनके परिवार के एक करीबी सूत्र ने दी। जिसमें उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि सात्विक के पिता का आज सुबह निधन हो गया। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का घर आंध्र प्रदेश के अमलापुरम में है। सात्विकसाईराज को इस साल के लिए घोषित हुए मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड की लिस्ट में शामिल किए गए नामों में उनका नाम भी शामिल था।
चिराग शेट्टी के साथ मिलकर बनाई थी मजबूत जोड़ी
भारतीय पुरुष डबल्स बैडमिंटन जोड़ी में यदि मौजूदा समय में देखा जाए तो उसमें सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी पहले नंबर पर काबिज है। दोनों की जोड़ी ने साल 2002 में हुए एशियाई गेम्स में जहां गोल्ड मेडल जीता था। तो वहीं इसके बाद साल 2023 में कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की थी। सात्विक और चिराग की जोड़ी इस अभी बैडमिंटन वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर-1 की पोजीशन पर है।


पिंकी मुद्रा लोन से बनी आत्मनिर्भर : स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
गिधवा टैंक में प्रवासी मल्लार्ड का आगमन, बढ़ी क्षेत्र की पहचान
न्यूट्रिशन फ्लो तकनीक को बढ़ावा देने विशेष बैठक आयोजित
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से बदला शिव शंकर का जीवन
जल जीवन मिशन से भोथली की बदली तस्वीर
क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत में हमेशा से "कौशल" की परम्परा रही है : तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में योजना क्रियान्वयन करें और शत प्रतिशत उपलब्धि करें सुनिश्चित बनाएं : मुख्य सचिव जैन
आरक्षण सीमा पर छिड़ी बहस, अब हाईकोर्ट तय करेगा राह
जायका टीम की ट्रांसको अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक 