आईएनएस हंसा पर दूसरी एमएच-60आर रोमियो मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर लॉन्च
नई दिल्ली। भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। मॉडर्न वॉरफेयर में एयरफोर्स और नेवी की घोषणा बेहद अहम है। इजराइल-ईरान से लेकर रूस-यूक्रेन वॉर तक में इसकी पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में भारत का एयरफोर्स के साथ ही नेवी पर ज्यादा फोकस है।
इस लिहाज से बुधवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की मौजूदगी में नेवी की गोवा में स्थित आईएनएस हंसा नेवी बेस पर दूसरी एमएच-60आर रोमियो मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन को कमीशन किया गया। इसके साथ ही भारत उन वर्ल्ड पावर्स देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास सबमरीन को हेलीकॉप्टर के जरिये पानी के अंदर ही तबाह करने की क्षमता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रोमियो हेलीकॉप्टर की कमीशनिंग से भारतीय नेवी की ताकत में कई गुना तक इजाफा होगा। यह भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम है। अमेरिका से साल 2020 में खरीदे गए 24 एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों में से अब दूसरी पूरी स्क्वाड्रन तैयार हो गई है। पहली स्क्वाड्रन आईएनएएस334 को मार्च 2024 में कोच्चि में कमीशन किया था। इन हेलीकॉप्टरों की वजह से नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतही हमले, निगरानी और खोज-बचाव की क्षमता में भारी बढ़ोतरी हुई है।
रोमियो हेलीकॉप्टर हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की नेवी की गतिविधियों और पनडुब्बी तैनाती के खिलाफ कारगर साबित होंगे। नौसेना अधिकारियों का कहना है कि ये हेलीकॉप्टर दुश्मन की सबमरीन को दूर से ट्रैक कर हमला कर सकते हैं। इससे समंदर में भारतीय पोतों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। बता दें मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए। उसी समय भारत का एक एयरक्राफ्ट कैरियर कराची से कुछ ही दूरी पर अरब सागर में मौजूद था। बताया यह भी गया कि यह विमानवाहक पोत वॉर-रेडी मोड में था। हालात को देखते हुए पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए थे। अब नौसेना इन आधुनिक हेलीकॉप्टरों से अपनी तैयारियों को और मजबूत कर रही है।
जानकारी के मुताबिक उन्नत हथियारों, आधुनिक सेंसरों और नई एवियोनिक्स प्रणाली से लैस एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों को पारंपरिक और असममित दोनों तरह के खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। ये हेलीकॉप्टर नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता, सतह पर हमला करने के मिशन, निगरानी तथा खोज-और-बचाव अभियानों को और मजबूत बनाते हैं, जिससे ये बेड़े के सबसे बहुउपयोगी प्लेटफॉर्म में से एक हैं। इन हेलीकॉप्टरों को पहले ही नौसेना के बेड़े के साथ पूरी तरह जोड़ दिया गया है और कई मौकों पर इन्होंने अपनी संचालन क्षमता साबित की है। एमएच-60आर हेलीकॉप्टर टॉरपीडो, मिसाइलें और उन्नत सटीक मार करने वाली रॉकेट प्रणाली दागने में भी सक्षम है। इसकी आत्म-सुरक्षा प्रणाली में चैफ और इंफ्रारेड फ्लेयर शामिल हैं, जो खतरे का पता चलते ही अपने-आप छोड़े जा सकते हैं।


नक्सल मुक्त क्षेत्र में विकास की सौगात : साहेबिन कछार में गिरधर सोरी और जुगसाय गोड को मिला जीवन का नया सहारा
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रद्धेय बृजमोहन मिश्रा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद
कृषि मंत्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य
पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जल जीवन मिशन से ग्राम बंधी की बदली तस्वीर