वेलेंटाइन डे के विरोध में शिवसेना की हुंकार, रैली निकालकर पुतला दहन का ऐलान
बिलासपुर । शिवसेना द्वारा पाश्चात्य सभ्यता और वेलेंटाइन डे के विरोध में रैली निकालकर पुतला दहन करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय शिवसेना प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के निर्देश पर प्रदेश महासचिव सुनील कुमार झा की अध्यक्षता में संभाग कार्यालय बिलासपुर में आयोजित बैठक में लिया गया। प्रेस को जानकारी देते हुए जिला मीडिया प्रभारी रोमेश शर्मा ने बताया कि शिवसेना भारतीय संस्कृति के संरक्षण, पश्चिमीकरण के विरोध तथा सार्वजनिक अश्लीलता पर रोक लगाने के उद्देश्य से हर वर्ष वेलेंटाइन डे का विरोध करती है। पार्टी का मानना है कि यह पर्व भारतीय परंपराओं के विपरीत है और इसे व्यापारिक रूप देकर युवाओं पर अनावश्यक खर्च का दबाव बनाया जाता है। शिवसेना नेताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रेम के लिए किसी एक दिन की आवश्यकता नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील गतिविधियों को रोकने तथा पारंपरिक मूल्यों के सम्मान के लिए शिवसेना लगातार अभियान चलाती रही है।निर्णय के अनुसार 14 फरवरी को देवकी नंदन चौक में रैली निकालकर पुतला दहन किया जाएगा। साथ ही महाशिवरात्रि के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर सदस्यता अभियान भी चलाया जाएगा।बैठक में प्रदेश व संभाग के पदाधिकारी तथा महिला, युवा और कामगार सेना के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।


PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
वनांचल में पक्के घरों की क्रांति: छिंदवाड़ा बना केंद्र सरकार का मॉडल जिला
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?