क्रिकेट नियमों को लेकर मैदान पर सख्ती देखने को मिली
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक हाल ही में बीते आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी गेंदबाजी को लेकर खूब सुर्खियों में रहे थे. उस्मान अपनी गेंदबाजी के दौरान गेंद छोड़ने से पहले कुछ सेकंड के लिए रुकते हैं. इसके कारण कुछ खिलाड़ियों को उन्हें खेलने में काफी परेशानी होती है, जबकि आईसीसी की तरफ से उनके बॉलिंग एक्शन को लीगल बताया गया है. आईसीसी से हरी झंडी मिलने के बाद अब कई युवा खिलाड़ी उस्मान तारिक की तरह गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ श्रीलंका के रिचमंड कॉलेज में खेले गए एक क्रिकेट मैच में देखने को मिला, जब एक युवा गेंदबाज ने उस्मान तारिक की तरह रुककर गेंदबाजी की, लेकिन अंपायर ने उसकी गेंद को डेड बॉल करार दे दिया|
अंपायर ने बॉलिंग एक्शन पर जताई आपत्ति
श्रीलंका के गाले में रिचमंड कॉलेज और महिंदा कॉलेज के बीच मुकाबला खेला गया. इस मैच में एक युवा गेंदबाज नेथुजा बशिथा ने तारिक उस्मान की बॉलिंग एक्शन को कॉपी करने की कोशिश की. उन्होंने अपने रन-अप में रुके और कई बार गेंद फेंकी, जिसके बाद अंपायर ने तुरंत डेड बॉल करार दे दिया. क्रिकेट के नियमों के अनुसार, यदि कोई गेंदबाज जानबूझकर बल्लेबाज का ध्यान भटकाने की कोशिश करता है, तो अंपायर उसे डेड बॉल घोषित कर सकता है और बल्लेबाजी टीम को पांच पेनल्टी रन भी दे सकता है|
बशिथा की गेंदों को अंपायर ने क्यों दिया डेड बॉल?
नेथुजा बशिथा की गेंदों को अंपायर ने बल्लेबाज की ध्यान भटकाने की कोशिश मानकर डेड बॉल करार दिया, क्योंकि ये बशिथा के नियमित एक्शन का हिस्सा नहीं है, जबकि उस्मान तारिक का रुकना उनके सामान्य एक्शन का हिस्सा माना जाता है. तारिक ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था, हालांकि, श्रीलंका के खिलाफ सुपर-8 के आखिरी मैच में वे काफी महंगे साबित हुए थे, जबकि पाकिस्तान की टीम सुपर-8 में पहुंची तो जरूर थी, लेकिन सेमीफाइनल की रेस बाहर हो गई थी|


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