मेट गाला का कार्पेट इस साल लाल नहीं हरा था
नई दिल्ली। फैशन वर्ल्ड के सबसे बड़े इवेंट में से एक है, मेट गाला का आयोजन हर साल बड़ी धूमधाम से किया जाता है। यह पॉपुलर फैशन इवेंट न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित किया जाता है, जिसमें देश-विदेश की कई मशहूर हस्तियां शिरकत करती हैं। इस शो में शामिल होने वाली हस्तियां रेड कार्पेट पर फैशन का जलवा दिखाती नजर नजर आती हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस इवेंट में रेड कार्पेट का रंग असल में रेड यानी लाल होता ही नहीं है। आइए जानते हैं क्या है इसकी वजह-
इस साल रेड नहीं था रेड कार्पेट
हर साल मेट गाला किसी खास थीम के साथ मनाया जाता है। इसी क्रम में इस बार आयोजित हुए इवेंट की थीम "स्लीपिंग ब्यूटीज़: रीवाकिंग फैशन" तय की गई। समारोह में शामिल हुई सभी हस्तियां इस थीम के मुताबिक भी स्टाइलिंग करते नजर आए। साथ ही रेड कार्पेट की जगह एयरब्रश किए हुए हरे पत्ते के नाजुक स्पर्श के साथ सजे हुए ऑफ-व्हाइट कार्पेट पर वॉक करते नजर आए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रेड कार्पेट की जगह इस रंग का कार्पेट क्यों इस्तेमाल किया गया?
कई वर्षों से बदल रहा कार्पेट का रंग-रूप
यह पहली बार नहीं है जब मेट गाला में रेड कार्पेट का रंग रेड की जगह कुछ और रखा गया है। पिछले कई वर्षों से इस इवेंट में रेड कार्पेट का रंग बदलता आ रहा है। दरअसल, हर साल इवेंट की थीम का मुताबिक इस समारोह के कार्पेट का रंग और डिजाइन बदलता रहता है। इसी क्रम में पिछले साल "कार्ल लेगरफेल्ड: ए लाइन ऑफ ब्यूटी" थीम के मुताबिक कार्पेट का रंग सफेद रखा गया था। इससे पहले भी मेट गाला इवेंट के कार्पेट का रंग और डिजाइन थीम के मुताबिक बदलती रही है।
पहली बार इस साल बदला था कार्पेट का रंग
मेट गाला कार्पेट कई दशकों से फैशन, कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक जरिए बना हुआ है। शुरुआत में इस इवेंट के दौरान म्यूजियम के मेन एंट्री या गेट पर ट्रेडिशनल रेड कार्पेट लगाया जाता था, जो सुंदरता और प्रतिष्ठा का प्रतीक था। हालांकि, जैसे-जैसे यह कार्यक्रम फैशन और कला के मिलन का जश्न मनाने के लिए विकसित हुआ, वैसे-वैसे इसके कार्पेट के डिजाइन और रंग में भी बदलाव आया। साल 2015 में पहली बार "चीन: थ्रू द लुकिंग ग्लास" थीम के मुताबिक कार्पेट का रंग और डिजाइन बदला गया, जो आज भी जारी है।


CG News: 5वीं-8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा में छात्रों को नहीं किया जाएगा फेल, मुख्य परीक्षा में असफलता मिलने पर मिलेगा पूरक परीक्षा का मौका
रफ्तार का कहर: रायपुर में ट्रक की चपेट में आने से श्रमिक की मौत, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ बनोरा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मजबूत समाज के निर्माण से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर को शहरी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करने की दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी पहल
छत्तीसगढ़ भाजपा की बड़ी बैठक कल,नई टीम के गठन के बाद पहली अहम बैठक
Durg News: 27 साल के CISF जवान ने लगाई फांसी, शव के पास पेपर पर लिखा मिला भाई का नाम और नंबर
तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल नहीं होंगे PM मोदी? 17 फरवरी को मुंबई में इमैनुएल मैक्रों के साथ मीटिंग फिक्स
CG News: अब इस जिले में धर्मांतरित महिला के शव दफनाने पर मचा बवाल! परिवार ने किया घर वापसी का ऐलान, फोर्स तैनात
भारत-पाक मुकाबले से पहले उज्जैन में हवन-पूजन, टीम इंडिया की जीत के लिए 50 पुजारियों ने की विशेष प्रार्थना