महाराष्ट्र के रत्नागिरी में नहीं है ठंड
मुंबई । महाराष्ट्र के रत्नागिरी में ठंड नहीं है। यहां का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। जिससे यह शीत मौसम में आने वाली अच्छी जगह है। यहां पर सर्दियों के मौसम में घूमने के लिए एक आरामदायक विकल्प है। जहां महाराष्ट्र के स्वादिष्ट खाने का आनंद ले सकते हैं। यहां दिल्ली से ट्रेन या फ्लाइट द्वारा जा सकते हैं।
महाराष्ट्र का मुंबई शहर भी घूमने के लिए बहुत पॉपुलर है। अधिकतर लोग दूर-दूर से यहां घूमने के लिए आते हैं। यहां गेटवे ऑफ इंडिया, चौपाटी घूमने के साथ स्टार के बंगले भी देख सकते हैं। अगर आप लकी रहे तो शायद आपको अपने फेवरेट स्टार को देखने या मिलने का मौका मिल जाए। अगर आप भी सर्दी के मौसम में किसी ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां आपको सर्दी का एहसास न हो तो मुंबई भी घूम सकते हैं। जब भी विंटर वेकेशन की बात होती है तो सबसे पहले दिमाग में गोवा का नाम आता है। यहां हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते हैं। यहां का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। अगर आप एक पर्फेक्ट विंटर वेकेशन पर जाना चाहते हैं तो गोवा घूमने जा सकते हैं। यहां बीच से लेकर गोवा की नाइट लाइफ एन्जॉय करने का मौका मिलेगा। हैदराबाद में सर्दियों के मौसम में भी तापमान सामान्य रहता है। चार मीनार और मोतियों का विशाल संग्रह इस शहर के मुख्य आकर्षणों में से एक है। एसे में आप सर्दियों में हैदराबाद जाने का प्रोग्राम भी बना सकते हैं।


राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (15 फ़रवरी 2026)
बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बहनों को प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
वनांचल में पक्के घरों की क्रांति: छिंदवाड़ा बना केंद्र सरकार का मॉडल जिला