किन्नर अखाड़े में इसलिए होती है रात को पूजा
महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की पूजा सबके आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि इनकी जीवनशैली सबसे अलग है किन्नर अखाड़े में किसी को दीक्षा दिलाई जाती है, तो उससे जुड़े पूजा-अनुष्ठान आधी रात को ही किए जाते हैं, क्योंकि इसके पीछे एक खास वजह है। दरअसल, तंत्र विधान के मुताबिक, महाकुंभ हो या कुंभ, हमेशा आधी रात को ही अघोरी पूजा होती है। इसमें डमरू की गूंज के साथ ही मंत्रोच्चारण किया जाता है। यह पूजा किन्नर अखाड़े की तांत्रिक परंपराओं का एक अहम हिस्सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक बड़े हवन कुंड के चारों ओर मानव खोपड़ियां, दीपों को रोशनी, तेज आवाज में गूंजते डमरू और मंत्रोच्चारण इस दृश्य को और भी रहस्यमय और आध्यात्मिक बनाती हैं। यह साधना तंत्र विद्या, आध्यात्मिक शक्ति और आस्था का अद्वितीय संगम है।
इसके अलावा ये भी माना जाता है कि महाकुंभ के दौरान सभी देवी-देवता धरती लोक पर आते हैं। ऐसे में इस दौरान इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। साथ ही रात्रि का समय तंत्र साधना के लिए भी सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। यही कारण है कि किन्नर अखाड़े में आधी रात को ही पूजा होती है।


पीएम मोदी पर राहुल गांधी का निशाना, खड़गे ने जताई चिंता
कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता खत्म, रामनिवास रावत को राहत
इंदौर गेर पर अंतरराष्ट्रीय गैंग की नजर, पुलिस ने किया खुलासा
कूच बिहार में मंत्री का अनशन, मतदाता सूची को लेकर लगाए गंभीर आरोप
“शहर में एक भी सफाई निरीक्षक नहीं” बयान के बाद उपायुक्त निलंबित
छत के रास्ते घर में बुलाया प्रेमी, पति की गोली मारकर हत्या
निर्विरोध राज्यसभा पहुंचीं लक्ष्मी वर्मा, मिला आधिकारिक प्रमाण पत्र
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष का हमला, सरकार से मांगे जवाब
होटल में चल रहा था हुक्का बार, पुलिस ने मारी रेड
जबलपुर में BJP का मंथन शिविर, संगठन विस्तार और रणनीति पर चर्चा