ट्रंप की सुरक्षा से जुड़े अनुरोध को किया था अस्वीकार.......सीक्रेट सर्विस का स्वीकारनामा
वाशिंगटन । अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसी ‘सीक्रेट सर्विस’ ने स्वीकार किया है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रमों में सुरक्षा बढ़ाने संबंधी उनके प्रचार अभियान दल के कुछ अनुरोधों को अस्वीकार किया था।
पेनसिल्वेनिया में 13 जुलाई को रैली के दौरान ट्रंप (78) पर एक बंदूकधारी ने कई गोलियां चलाई थीं। हमले में एक गोली ट्रंप के दाहिने कान को छूकर निकल गई थी, जबकि रैली में शामिल एक व्यक्ति मारा गया और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
उधर हमले के तुरंत बाद, कानून प्रवर्तन एजेंसी ने इससे इंकार किया था कि उसने सुरक्षा बढ़ाने संबंधी अनुरोधों को अस्वीकार किया था। लेकिन ‘सीक्रेट सर्विस’ ने ट्रंप की हत्या के प्रयास के एक सप्ताह बाद, यह स्वीकार किया कि उसने पूर्व राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में सुरक्षा बढ़ाने के कुछ अनुरोधों को अस्वीकार किया था।
एजेंसी के मुख्य प्रवक्ता एंथनी गुगलिमी ने कहा, ‘‘सीक्रेट सर्विस का मिशन जटिल है। हर दिन हम एक खतरे वाले माहौल में काम करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे लोग कई आयोजनों, यात्राओं और अन्य चुनौतीपूर्ण माहौल में सुरक्षित रहें।


पीएम मोदी ने पेश किया 'MANAV' विजन, जानिए क्या है यह
बच्चा चोरी अफवाहों पर इंदौर पुलिस का एक्शन, 3 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज
क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
घायल महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालत नाजुक
IND vs PAK: ऐसा हुआ तो टी20 विश्वकप में फिर होगा महामुकाबला! भारत-पाकिस्तान आ सकते हैं आमने-सामने, पूरा समीकरण
AI Summit: जीत अदाणी बोले- एआई आने वाले समय में संप्रभुता की परिभाषा बदल देगा, 100 अरब डॉलर निवेश की योजना
घटना के बाद परिवार में मचा कोहराम
बलरामपुर में बुजुर्ग की मौत को लेकर चरणदास महंत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र, SDM पर हत्या का आरोप
T20 World Cup 2026: शिवम दुबे ने नीदरलैंड के खिलाफ 66 रनों की तूफानी पारी खेली, धोनी की सीख बनी गेमचेंजर
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में ABVP का सद्बुद्धि महायज्ञ, छात्रों के हित में आंदोलन जारी